अंकों के तीन परिवार
स्वतंत्र (1, 5, 7): नेतृत्व, रोमांच और खोज, जिन्हें सोचने और चलने की जगह चाहिए। व्यावहारिक (2, 4, 8): शांति, निर्माण और उपलब्धि, जिन्हें मज़बूत और साझा चीज़ें पसंद हैं। रचनात्मक (3, 6, 9): संवाद, देखभाल और मानवता, जो दिल से राह दिखाते हैं।
एक ही परिवार की जोड़ियां बिना कोशिश एक-दूसरे को समझती हैं। स्वतंत्र और रचनात्मक नंबर नए विचार जगाते हैं। व्यावहारिक नंबर बाकी दोनों परिवारों के विपरीत हैं, और यहीं दोनों सबसे ज़्यादा सीखते हैं।
आपके मिलान के नतीजे का क्या मतलब है
नतीजा बताता है कि दो लाइफ पाथ ऊर्जाएं आमतौर पर कैसे मिलती हैं, यह नहीं कि रिश्ता चलेगा या नहीं। सहज तालमेल का मतलब है कि आपकी लय एक जैसी है; चिंगारी और विकास का मतलब है कि आप एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं; विपरीत का मतलब है कि हर कोई वह लाता है जो दूसरे में कम है। हर रेंज एक बेहतरीन दोस्ती, साझेदारी या शादी को बयान कर सकती है।
अंकों के मिलान को कैसे देखा जाता है
अंकों की तुलना अंक ज्योतिष का सबसे लोकप्रिय इस्तेमाल है। जोड़े साथ में अपने लाइफ पाथ नंबर देखते हैं, दोस्त मज़े के लिए तुलना करते हैं, और कुछ लोग अपने कारोबारी साझेदार का नंबर भी देखते हैं। भारत में शादी के लिए पारंपरिक तौर पर कुंडली मिलान होता है, जिसमें 36 गुणों के आधार पर गुण मिलान किया जाता है; अंकों का मिलान उस परंपरा का हल्का और आधुनिक साथी है, उसकी जगह नहीं। कुछ जोड़े मूलांक या नामांक भी मिलाते हैं: जब कई जोड़ियां मेल खाती हैं, तो अंक ज्योतिष इसे ख़ास तौर पर स्वाभाविक मेल मानता है, और जब नहीं खातीं, तो बस एक ज़्यादा रंगीन मेल।
यह आपकी कैसे मदद कर सकता है
नतीजे से एक सच्ची बातचीत शुरू कीजिए। एक-दूसरे से पूछिए कि आपको दूसरे में उसके अंक की कौन-सी खूबी दिखती है, और किस विकास के विषय में आप साथ चाहते हैं। एक ही परिवार वाली जोड़ियां सोच सकती हैं कि वे कहां बहुत ज़्यादा एक जैसे हैं; विपरीत जोड़ियां, कि उन्होंने एक-दूसरे से अब तक क्या सीखा।
एक ईमानदार बात
कोई भी अंकों की जोड़ी न तो बर्बाद होने को मजबूर है, न कामयाबी की गारंटी है। दयालुता, सम्मान और ईमानदार बातचीत किसी भी गणना से कहीं ज़्यादा मायने रखते हैं, इसीलिए हमारा सबसे कम नतीजा भी 45% है।